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India: Statement from ’Aman ki Pehal’ regarding mob lynching incident that occurred in Palghar, Maharashtra

22 April

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अमन की पहल

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समंवय बड़खल गांव, फरीदाबाद, हरियाणा, 9718479517

प्रेस विज्ञप्ति।

22-4-2020

"मॉब लिंचिंग" दुर्दांत और भयानक है। यह सब रुकना चाहिए!!

मॉब लिंचिंग पर सरकार की ढुलमुल नीतियों का नतीजा है कि मुंबई से 125 किमी दूर पालघर में यह भयानक घटना हुई है। गढ़चिंचले गांव के पास हत्यारी भीड़ ने दो साधुओं और एक कार चालक को कार से खींच कर मार डाला। इनमें से एक 70 वर्षीय महाराज कल्पवृक्षगिरी थे। उनके साथी सुशील गिरी महाराज और कार चालक निलेश तेलग्ने भी भीड़ की चपेट में आ गए।

हम इस भीड़ तंत्र का पूरी तरह विरोध करते हैं। दो असहाय वृद्धों को महाराष्ट्र में भीड़ ने हत्या की ! हम उसकी पूरी तरह से निंदा करते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत कार्यवाही करके 100 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर 302 का मुकदमा दर्ज किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री को भी उन्होंने बात की है। साथ ही उन्होंने घटना को सांप्रदायिक रंग देने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के इस कदम का सम्मान करते हैं।

अमन की पहल के हम सब साथी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हैं। हम मांग करते हैं कि तुरंत केंद्र सरकार सर्वोच्च न्यायालय की आदेश के अनुसार मॉब लिंचिंग पर कठोर कानून बनाए। 2014 के बाद मॉब लिंचिंग की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ी है। अखलाक की हत्या से लेकर पहलू खान, 2017 में ईद के मौके पर रोजे के दौरान ही युवक जुनैद को चलती गाड़ी में चाकुओं से गोदकर मार देना, उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कासिम को युवाओं द्वारा मारना और चारों तरफ से छोटे-छोटे बच्चे द्वारा भी खड़े होकर देखना व वीडियो बनाना, दिल्ली में अंकित सक्सेना की प्रेम विवाद के चलते हत्या करना, झारखंड में रात भर एक युवक को खंभे से बांधकर मरने तक मारे जाना और भी अनेक घटनाएं हुई है।

झारखंड के रामगढ़ जिले में बीती रात असामाजिक तत्वों के द्वारा राजू अंसारी पर जानलेवा हमला किया गया । वह 8:00 बजे रात ससुराल से वापस घर जा रहा था। कुछ असामाजिक तत्वों ने उसे रोककर उसका नाम पूछा मुस्लिम नाम सुनकर उस पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए और बड़ी बेरहमी से पिटाई की और निर्वस्त्र करके पूरा मोहल्ला घुमाया गया यह बहुत ही शर्मनाक और दर्दनाक घटना है।

इन घटनाओं का सिलसिला बहुत लंबा, दुर्दांत और भयानक है।

यह सब रुकना चाहिए। सरकार को और समाज को यह देखना होगा कि हम प्रजातंत्र में चुनी हुई सरकार और बनाए हुए नियम कानूनों के तहत रह रहे हैं। भीड़ को यह कोई अधिकार नहीं कि वह चोरी के, गौ हत्या के या किसी भी अन्य शक की बिना पर किसी को भी मार दे। जरूर अब तक कानून की पालना कराने वाला स्थानीय शासन-प्रशासन इसके लिए दोषी है। खासकर हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड वह अन्य कई राज्यों में इस तरह की घटनाओं को सख्ती से नहीं रोका गया। बल्कि मीडिया भी इसमें शामिल होकर बढ़ावा देता रहा है। उसका ही नतीजा है कि दो वृद्ध इंसानों को इस तरह मार दिया गया।

उद्धव ठाकरे सरकार ने इस पर सख्त कार्यवाही की है। हम उनका पुनः धन्यवाद देते हैं। क्योंकि ऐसा अन्य किसी राज्य में अभी तक नहीं हुआ है। साथ ही उनसे अपेक्षा करते हैं कि गोविंद पंसारे और नरेंद्र दाभोलकर के हत्यारों को भी इसी तत्परता से पकड़ा जाए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित तमाम मुख्यमंत्रियों से भी निवेदन करते हैं कि उनके राज्य में अब तक जो भी मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं। उसके दोषियों को वह निष्पक्ष जांच के सामने लाएं और उन्हें कठोर सजा दें। देश के गृहमंत्री इस पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कानून बनाए। जब तक संसद नहीं है सरकार अधिसूचना लाए। देश में ये स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि कानून को हाथ में लेने का किसी भी जाति, धर्म, भाषा से संबंधित व्यक्ति या समाज को नहीं है। भारतीय समाज को हम दुर्दांत समाज नहीं देखना चाहते ।

देश भर के जन आंदोलनों के सभी साथियों तरह अमन की पहल के साथी भी कोविद-19 की महा विपत्ति के समय लॉक डाउन में फंसे मजदूरों वह अन्य जरूरतमंदों को कच्चा राशन पहुंचाने में लगे है। सरकार को भी लगातार सुझाव व सहयोग दे रहे हैं। ऐसे में इस घटना से हम बुरी तरह आहत हैं।

भविष्य में इन घटनाओं को तुरंत रोकने की जरूरत है जिसके लिए:

1-देश के गृहमंत्री मॉब लिंचिंग पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल रिट पिटिशन नंबर 257/ 2016 के निर्देशानुसार कानून बनाए। अधिसूचना जारी करे। इसकी की मांग लगातार देश में उठी है। https://www.indialegallive.com/constitutional-law-news/supreme-court-news/mob-lynching-loopholes-in-the-law-70241

2-हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड व तमाम मुख्यमंत्रियों से भी निवेदन करते हैं कि उनके राज्य में अब तक जो भी मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं उसके दोषियों को वह निष्पक्ष जांच के सामने लाएं और उन्हें कठोर सजा दें।

2- इन घटनाओं के संदर्भ में मीडिया पर वक्त अंकुश के लिए कड़े कायदे कानून बने। जिसके पालन के लिए सख्ती बरती जाए। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया इस पर तुरंत संज्ञान ले।

3- घटना का धार्मिक व राजनीतिक कारण ना किया जाए।

अब्दुल रशीद अगवान, मोहम्मद यूनुस, जितेंद्र, मोहसिन खान, मजहर खान, विमल भाई, मकसूद उल हक, तारिणी

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समंवय की ओर से समर्थन में।

संजीव ढांडा व मधुरेश - दिल्ली; अरुंधति धुरू व रिचा - उत्तर प्रदेश; सुहास कोल्हेकर व बिलाल खान - महाराष्ट्र ; कृष्ण कांत- गुजरात; समर बागची - बंगाल

"Mob Lynching" sad and terrible. All this should stop

As a result of the government’s lax policies on mob lynching the terrible incident that occurred in Palghar, 125 km from Mumbai. The murderous mob near Gadhchinchale village dragged and killed two sadhus and a car driver from the car. One of them was 70-year-old Maharaj Kalpavrikshgiri. His colleague Sushil Giri Maharaj and car driver Nilesh Telgane were also beaten to death by the crowd.

We strongly condemn this mob rule system. Two helpless elderly killed in Maharashtra! This barbarianism cannot be tolerated. Maharashtra Government has taken immediate action and more then arrested 100 suspects. A case has been filed against them under section 302. The CM has also spoken to the Chief Minister of Uttar Pradesh and the Home Minister of the country. He also gave a stern warning to those who are trying to give a communal color to the incident. We respect this move of Maharashtra’s CM.

All companions of Aman ki Pehal condole this incident. We demand that the Central Government immediately enacts a stringent law on mob lynching as per the Supreme Court’s order. The incidents of mob lynching have increased very rapidly since 2014. From the murder of Akhlaq to Pehlu Khan, during Eid of 2017, the young boy Junaid was beaten and stabbed with a knife in a moving train, killing of Kasim in Hapur, Uttar Pradesh by the young men and small kids and others flocking around and making videos instead of calling for support, killing Ankit Saxena in Delhi due to a love dispute, A youth Tabrez killed in Jharkhand after being beaten up all night while tied to a pillar and many other incidents have taken place.

Raju Ansari was attacked by anti-social elements last night in Ramgarh district of Jharkhand. He was on his way back home from his in-laws place around 8:00 pm. Some anti-social elements stopped him and asked for his name. Upon hearing a Muslim name, they started a violent attack on him and beat him up brutally and stripped him nude and dragged him through the whole society naked, it’s a very shameful and painful incident. Just how much hatred do these goons harbor. This is not a humanly behaviour they have become beasts of hatred.

All these incidents are sad and terrible and seemingly are growing everyday.

All this should stop. The government and the society has to see that we are living under in a democratic country, who’s laws are secular and non-discriminatory. The mob has no right to kill anyone just on the basis of their doubts and perceptions either it be robbery or cow slaughter or any other doubt, its up to the judiciary to decide. Surely, the local government-administration, which is the cradle of law, is to blame for this. Especially in Haryana, Maharashtra, Uttar Pradesh, Jharkhand and many other states, such incidents were not strictly stopped. The media has also played an important role in stroking the fire of hatred and communalism, promoting it to an extent that it has become normal for people. As a result two old saintly men were mercilessly killed.

Uddhav Thackeray’s government has taken strict action on this and we thank them for setting an example. Because it has not happened in any other state yet. At the same time, we expect the killers of Govind Pansare and Narendra Dabholkar to be caught with the same urgency. The Chief Minister of Uttar Pradesh and all other Chief Ministers are also requested to investigate the mob lynchings which have happened in their states so far, bring the culprits to an unbiased and fair trial and punish them harshly. The Home Minister of the country should enact a law on this as directed by the Supreme Court. The government should bring notification until there is a parliament session, bringing out a clear message in the country that no person or society related to any caste, religion, language is to take the law in their hand. We do not want to see Indian society withering and rotting because of communalism and hatred.

Like all comrades of mass movements across the country, the companions of Aman ki Pehal are also engaged in delivering raw rations to needy workers trapped in lock-down during the great calamity of Covid-19. The government is also constantly being given suggestions and cooperation. In such a situation, we are badly hurt by this incident.

In future these incidents need to be stopped immediately for which:

1. The Home Minister of the country should make laws on mob lynching as directed by the Supreme Court under Civil Writ Petition No. 257/2016. Issue notification, the demand for this has risen continuously in the country. https://www.indialegallive.com/constitutional-law-news/supreme-court-news/mob-lynching-loopholes-in-the-law-70241

2. Haryana, Maharashtra, Uttar Pradesh, Jharkhand and all other Chief Ministers are also requested that they should bring the culprits of the mob lynching incidents in their state to a fair investigation and punish them harshly.

3. In the context of these incidents, strict rules should be made to curb the media spreading false propaganda news and hatred. The Press Council of India should take immediate cognizance of this.

4. These incidents should not be communalised and politicized.

Abdul Rashid Aagwan, Mh. Yunis, Jitendra, Mohsin Khan, Makshuf ul Haque, Vimal Bhai, Tarini

Endorsed from National Alliance of Peoples’ Movements

Sanjiv Dhanda and Madhuresh - Delhi; Arundhati and Richa - U. P.; Suhas Kohlekar & Bilal Khan - Maharashtra; Krishankant - Gujrat; Samar Bagchi - W. Bengal